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Vinayak Damodar Savarkar: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और राष्ट्रभक्त

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Photo credit by Wikipedia     वीर सावरकर: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और राष्ट्रभक्त वीर सावरकर जीवनी (Veer Savarkar Biography ) भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीरों ने अपना योगदान दिया, लेकिन कुछ ऐसे भी नाम हैं जिन्हें उनके वास्तविक सम्मान और पहचान नहीं मिली। ऐसे ही एक महान क्रांतिकारी, समाज सुधारक और राष्ट्रवादी नेता थे वीर सावरकर। उनका पूरा नाम विनायक दामोदर सावरकर था। वे न केवल स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख योद्धा थे बल्कि उन्होंने हिंदुत्व, सामाजिक सुधार और राष्ट्रवाद की विचारधारा को भी सशक्त बनाया। Photo credit by Wikipedia   वीर सावरकर का जन्म और प्रारंभिक जीवन ( Birth and early life of Veer Savarkar) वीर सावरकर का जन्म  26 फरवरी 1883  को महाराष्ट्र के नासिक जिले के  भगूर  नामक गाँव में हुआ था। बचपन से ही वे बहुत तेज-तर्रार और क्रांतिकारी विचारों वाले थे। जब वे केवल नौ साल के थे, तब उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरित होकर अपने गाँव में बच्चों की एक छोटी सी सेना बना ली थी। उनका यह जुझारूपन आगे चलकर ब्रिटिश हु...

महाशिवरात्रि 2025: भगवान शिव की पावन रात्रि

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महाशिवरात्रि 2025: भगवान शिव की पावन रात्रि (Maha Shivratri  2025: Holy night of Lord Shiva) महाशिवरात्रि  हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है, जिसे  भगवान शिव  की पूजा और आराधना के लिए विशेष रूप से मनाया जाता है। यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।  2025 में, महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी , जिसे भारत और दुनियाभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। यह रात शिव भक्ति, आत्मसंयम, और आध्यात्मिक जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। महाशिवरात्रि का महत्व और पौराणिक कथाएँ ( Importance and mythological stories of Mahashivratri) महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह  आध्यात्मिक साधना और आत्मशुद्धि  का भी विशेष अवसर है। हिंदू धर्म में यह माना जाता है कि इस पावन रात को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए, इस दिन को विवाहित जोड़ों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, और अविवाहित कन्याएँ अच्छे वर की प्राप्ति के लिए शिवजी की पूजा करती हैं। एक अन्य मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने सृष्टि ...

Maha Kumbha Mela 2025 - महाकुंभ मेले का ऐतिहासिक महत्व

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उत्तर प्रदेश सरकार  भूमिका भारत में  कुंभ मेला  केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और संस्कृति का एक भव्य संगम है। यह  विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला  माना जाता है, जहां करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए एकत्र होते हैं। इस मेले का आयोजन हर  12 साल  में चार प्रमुख स्थानों-  प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक-  में किया जाता है। कुंभ मेला का इतिहास , महत्व और रोचक तथ्य कुंभ मेला भारत का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। जानिए इसका इतिहास , महत्व, आयोजन स्थल और अन्य रोचक तथ्य। उत्तर प्रदेश सरकार 📜 कुंभ मेले का ऐतिहासिक महत्व(Historical importance of Kumbh Mela) कुंभ मेला  की ऐतिहासिक जड़ें वेदों और पुराणों में गहरी हैं। इसका सबसे प्रमुख उल्लेख  समुद्र मंथन  की कथा से जुड़ा हुआ है। 🔸 समुद्र मंथन और अमृत कलश(Samudra Manthan and Amrit Kalash) हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, देवताओं और असुरों के बीच  अमृत (अमरता प्रदान करने वाला अमृत रस)  प्राप्त करने के ...

वैलेंटाइन डे का इतिहास: History of Valentine's Day 2025

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  वैलेंटाइन डे का इतिहास  (History of Valentine's Day) : प्रेम और बलिदान की अद्भुत गाथा परिचय ( Introduction) हर साल  14 फरवरी  को पूरी दुनिया में  वैलेंटाइन डे (Valentine’s Day)  मनाया जाता है। यह दिन  प्यार और स्नेह  का प्रतीक है, जिसमें लोग अपने प्रियजनों को उपहार, फूल और शुभकामनाएँ देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन की शुरुआत  प्यार के जश्न से नहीं, बल्कि बलिदान से हुई थी? वैलेंटाइन डे का इतिहास  रोम के संत वैलेंटाइन  से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने प्रेम और विवाह की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि वैलेंटाइन डे की  उत्पत्ति कैसे हुई, इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या है और यह आधुनिक युग में कैसे लोकप्रिय हुआ। 1. वैलेंटाइन डे की उत्पत्ति: प्रेम और बलिदान की कहानी ( The Origin of Valentine's Day: A Story of Love and Sacrifice) कौन थे संत वैलेंटाइन?  (Who was Saint Valentine?) संत वैलेंटाइन  तीसरी शताब्दी के एक ईसाई पादरी (Priest)  थे, जो रोम में रहते थे। उस समय...

Happy Gandhi Jayanti : महात्मा गांधी जी के बारे में कुछ रोचक तथ्य

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महात्मा गांधी Mahatma Gandhi देश की आजादी के प्रमुख योद्धा महात्‍मा गांधी को कौन नहीं जानता है। लेकिन कुछ ऐसी जानकारी भी है जो शायद आप नहीं जानते हों, तो आइए जानते है महात्‍मा गांधी जी के बारे में कुछ ऐसी ही रोचक तथ्य। गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर गुजरात में हुआ था। महात्‍मा गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था।  गांधी जी के पिता का नाम करमचंद गांधी था, जो कि राजकोट के दीवान थे।और इनकी माता का नाम पुतलीबाई था। गांधी जी ने स्वतंत्रता के लिए सत्य और अहिंसा का रास्‍ता चुना था। गांधी जी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजों के खिलाफ अपनी पूरी जीवन संघर्ष किया।  30 जनवरी 1948 को गांधी जी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसलिए हर साल भारत में 30 जनवरी को शहीद दिवस मनाया जाता है। और उन्‍हें भारत का राष्ट्रपिता भी कहा जाता है।  अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस : International Non Violence Day  महात्मा गांधी जी की 153 वीं जन्म जयंती मनाने जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1 5 जून 2007 को 2 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा द...

Sunita Williams Biography : अंतरिक्ष से लेकर पद्म भूषण तक

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Image Credit:Wikipedia सुनीता विलियम्स : जीवन और शिक्षा सुनीता विलियम्स भारत के गुजरात राज्य के अहमदाबाद से ताल्लुक रखती हैं और सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर, 196 5 को यूक्लिड, ओहायो में हुआ।उन्होंने मैसाचुसेट्स (Massachusetts) से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और 1987 में संयुक्त राज्य नौसेना अकादमी से Physics (भौतिक विज्ञान)  में स्नातक(Graduate) (बी.एस.) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, 1995 में उन्होंने फ्लोरिडा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(Florida Institute of Technology)  से इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री (एम.एस.) हासिल की। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में 127 दिनों तक रहने का world record  स्थापित किया। वह दो अंतरिक्ष मिशनों अभियान 14/15 और 32/33 की अनुभवी हैं। उनके पिता का नाम डॉ. दीपक पांड्या था वो एक प्रख्यात तंत्रिका विज्ञानी (Neurologist) थे,उनका परिवार उनके पिता के पेशेवर करियर की वजह से अहमदाबाद से अमेरिका स्थानांतरित हो गए थे। सुनीता विलियम्स पिता भारत के गुजरात मूल के थे और उनकी मां "बॉनी जालोकर" स्लोवेनिया नाम मूल की थीं।  करियर और अंतरिक्...

दुनिया की सबसे पुरानी आईलाइनर पेंसिल: कोहल का इतिहास

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 दुनिया की सबसे पुरानी आईलाइनर पेंसिल: कोहल का इतिहास The World's Oldest Eyeliner Pencil: The History of Kohl परिचय : आज के फैशन की दुनिया में आईलाइनर(Eyeliner) एक आम सौंदर्य (Beauty) उत्पाद है, लेकिन क्या आपको पता है कि इसका इतिहास हजारों साल पुराना है? प्राचीन मिस्र से लेकर मेसोपोटामिया तक, आईलाइनर का उपयोग न केवल सुंदरता के लिए, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक (Cultural) उद्देश्यों के लिए भी किया जाता था। इस लेख में हम दुनिया की सबसे पुरानी आईलाइनर पेंसिल के बारे में जानेंगे, जो इतिहास के पन्नों में गहराई से जुड़ी हुई है।                      सबसे पुरानी आईलाइनर पेंसिल कहाँ मिली है? सबसे पुरानी आईलाइनर पेंसिल या कोहल (Kohl) पेंसिल मिस्र में मिली है। मिस्रवासियों ने लगभग 4000 ईसा पूर्व से कोहल का उपयोग करना शुरू किया था। यह पेंसिल "सैरा आकाश" के रूप में जानी जाती थी और इसे नील नदी के किनारे के क्षेत्रों में पाए जाने वाले प्राकृतिक खनिजों (Minerals) से बनाया जाता था। पुरातत्वविदों (Archaeologists) ने मिस्र के फिरौन और राजघ...